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कार्बनिक डायरी चरण 6: धैर्यशील सेवा-सुश्रुषा

September 20, 2013 • Posted in: News, The Organic Diaries, Workshops

हम सब अच्छी तरह से जानते हैं कि पेंच में कितनी अच्छी मिट्टी और जलवायु है। वास्तव में, बोने के दुसरे दिन ही हमने अपने कुछ बीजों को अंकुरित देखा था! भयानक मानसून की स्थिति को देखते हुए, हम जानते थे की हमें धैर्य रखना होगा और कुछ हद तक असफलता को भी झेलना होगा। फिर भी हमने अछे परिणाम की आशा व्यक्त की।
हमारे छात्रों ने लगन से अपने पैच का ख्याल रखा और हम सब्जियों की एक अच्छी श्रृंखला की आशा कर रहे थे! हम यह महसूस कर सकते थे – हमारे पास निश्चित रूप से अच्छी सब्जियों की श्रृंखला होने वाली थी! सबसे ऊपर, छात्रों ने इतना प्रयास जो किया था!

7th Grader, Shreyansh, tending to his patch.

7th Grader, Shreyansh, tending to his patch.

बस कुछ ही दिनों के बाद,छोटे छोटे मेथी और भिंडी के पौधे हमारे पैच पर आ रहे थे।

The methi growing beautifully!

The methi growing beautifully!

यहाँ बीज बोने के सिर्फ दो सप्ताह के बाद के पौधों की कुछ तस्वीरें हैं।

The barbati was a success too!

The barbati was a success too!

The students have a routine of tending to the garden right after their morning assembly. With organised groups and report sheets, the students have a foolproof plan for their garden.

The students have a routine of tending to the garden right after their morning assembly. With organised groups and report sheets, the students have a foolproof plan for their garden.

हमारे जैविक पैच पर नवीनतम जानने के लिए, ट्विटर और फेसबुक पर हमारा अनुसरण करें या बस #theorganicdiaries देखें।

(The E-Base program is all about putting into practice learnings at the E-base. Our modules are well complemented by hands- on and practical implementations through our projects in schools we associate with. The three main projects for this year- organic gardening, composting and energy generation through a bicycle aim to drive home the necessity of a commitment towards sustainability and environmental conservation.)

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